सनातन धर्म के अध्‍ययन हेतु वेद-- कुरआन पर अ‍ाधारित famous-book-ab-bhi-na-jage-to

जिस पुस्‍तक ने उर्दू जगत में तहलका मचा दिया और लाखों भारतीय मुसलमानों को अपने हिन्‍दू भाईयों एवं सनातन धर्म के प्रति अपने द़ष्टिकोण को बदलने पर मजबूर कर दिया था उसका यह हिन्‍दी रूपान्‍तर है, महान सन्‍त एवं आचार्य मौलाना शम्‍स नवेद उस्‍मानी के ध‍ार्मिक तुलनात्‍मक अध्‍ययन पर आधारति पुस्‍तक के लेखक हैं, धार्मिक तुलनात्‍मक अध्‍ययन के जाने माने लेखक और स्वर्गीय सन्‍त के प्रिय शिष्‍य एस. अब्‍दुल्लाह तारिक, स्वर्गीय मौलाना ही के एक शिष्‍य जावेद अन्‍जुम (प्रवक्‍ता अर्थ शास्त्र) के हाथों पुस्तक के अनुवाद द्वारा यह संभव हो सका है कि अनुवाद में मूल पुस्‍तक के असल भाव का प्रतिबिम्‍ब उतर आए इस्लाम की ज्‍योति में मूल सनातन धर्म के भीतर झांकने का सार्थक प्रयास हिन्‍दी प्रेमियों के लिए प्रस्‍तुत है, More More More



Wednesday, June 9, 2010

Pakistan is a failed state पाकिस्तान नफ़रत में अंधा हो गया है। उसने 4 बार इन्डिया पर अटैक किया और चारों बार हारा। कश्मीर के मसले को भी मुसलमानों ने ही बिगाड़ा है।

बेशक मुश्किल के साथ आसानी है। -अलकुरआन
प्रॉब्लम और अपॉरचुनिटीज़ दोनों ‘ट्विन‘ हैं। दोनों साथ साथ होती हैं। अगर आप भड़क उठते हैं तो आप अंधे हो जाते हैं। पाकिस्तान नफ़रत में अंधा हो गया है। उसने 4 बार इन्डिया पर अटैक किया और चारों बार हारा। उसे चाहिये था कि समस्याओं को बातचीत के ज़रिये हल करता और अपॉरचुनिटीज़ को इस्तेमाल करता। पाकिस्तान के पास सुई गैस है वह उसे इन्डिया को बेचता और उसे कोयले की ज़रूरत है वह कोयला यहां से ख़रीदता। पाकिस्तान आस्ट्रेलिया से कोयला ख़रीदता है जोकि उसे कई गुना महंगा पड़ता है। पाकिस्तान ने अपॉरचुनिटीज़ को नहीं देखा। मैं इसे
‘डीलिंकिंग की पॉलिसी‘ कहता हूं।


कश्मीर के मसले को भी मुसलमानों ने ही बिगाड़ा है।

मौलाना वहीदुददीन ख़ान साहब का लेक्चर जारी था जिसे हाज़िरीने मजलिस के साथ साथ दुनिया के दूर दराज़ में बैठे लोग भी इंटरनेट पर देख रहे थे। मौलाना के लेक्चर को प्रत्येक रविवार को भारतीय समय के अनुसार 10 : 30 बजे सुबह देखा जा सकता है। इस लेक्चर को इस लिंक पर देखा जा सकता है।
  http://www.youtube.com/watch?v=cJvIgiII5QU&feature=related
मौलाना बिना किसी लाग लपेट के सच को खुद भी स्वीकार करते हैं और दूसरों को भी सच को जानने मानने की तालीम देते हैं और हक़ीक़त भी यही है कि जब तक हमारे अन्दर यह गुण पैदा नहीं होगा हमारे मसलों का हल होने वाला नहीं है।

क्लास के बाद भाई तारकेश्वर गिरी जी के तास्सुरात भी यही थे कि यहां जो कुछ देखा वह उससे बहुत अलग है जो मेरे दिमाग़ में था। मौलाना ख़ान साहब और गिरी जी, दोनों में दो बातें समान हैं। एक तो यह कि दोनों ही सच को बेखटके स्वीकारते हैं और दूसरी बात यह कि दोनों ही आज़मगढ़ के बाशिन्दे हैं।
भाई शाहनवाज़ ने भी मौलाना के अनमोल मोतियों से अपनी झोली भर ली।

17 comments:

Aslam Qasmi said...

सत्य वचन

Aslam Qasmi said...

अब तो "सब" खुश हो गए होंगे ?

Sumit Khanna said...

Nice to know about Molana vahiduddin. It seems that he is a nice person & gr8 scholer.

Sumit Khanna said...

My friend Sajid has started his Hindi blog, please visit & send comments.

http://sajiduser.blogspot.com

Mohammed Umar Kairanvi said...

पदम भूषण मौलाना वहीदुद्दीन ख़ान साहब बारे में सिलसिलेवार पढने दिलों की दुरियां दूर हो रही हैं, लगे रहिये सब आपके साथ हैं

काजल कुमार Kajal Kumar said...

पाकिस्तान में, सत्ता में आने व वहीं बने रहने का यही एक सफलतम मुद्दा है

माधव said...

nice

PARAM ARYA said...

बेटे , अगर शुरु से ही ऐसा लिखता तो तेरी छवि आज कुछ और ही होती ।

अनुनाद सिंह said...

क्रोधात् भवति सम्मोह: सम्मोहात मतिभ्रम: ।
मतिभ्रंसात् बुद्धिनाशो बुद्धिनाशात् प्रणश्यति ।। (श्रीमद्भगवद्गीता)

(- क्रोध से सम्मोह होता है, सम्मोह से मतिभ्रम, मतिब्रंश से बुद्धिनाश और बुद्धिनाश से (व्यक्ति/देश) मर जाता है। )

सलीम खान said...

परम आर्य जी, छवि बनाने वालों के लिए एक शेर अर्ज़ है !!!

मेरा क़ातिल ही मेरा मुजरिम है, क्या मेरे हक़ में फ़ैसला देगा !!!!!!!!!!!!!!!!!

AlbelaKhatri.com said...

khoob

khoob pasand aaya !

***************************

Dr. Ayaz ahmad said...

अच्छी पोस्ट

Dr. Ayaz ahmad said...

अनवर भाई आपने मौलाना की तक़रीर को अच्छे अंदाज मे पेश किया

sahespuriya said...

GOOD POST

Tarkeshwar Giri said...

Shayad is se dono dhamo ke log aur kareeb aaye.

Shah Nawaz said...
This comment has been removed by the author.
Shah Nawaz said...

"पदम भूषण मौलाना वहीदुद्दीन ख़ान साहब के बारे में सिलसिलेवार पढने से दिलों की दुरियां, दूर हो रही हैं. लगे रहिये सब आपके साथ हैं!"

उमर भाई की राय से सहमत हूँ.