सनातन धर्म के अध्‍ययन हेतु वेद-- कुरआन पर अ‍ाधारित famous-book-ab-bhi-na-jage-to

जिस पुस्‍तक ने उर्दू जगत में तहलका मचा दिया और लाखों भारतीय मुसलमानों को अपने हिन्‍दू भाईयों एवं सनातन धर्म के प्रति अपने द़ष्टिकोण को बदलने पर मजबूर कर दिया था उसका यह हिन्‍दी रूपान्‍तर है, महान सन्‍त एवं आचार्य मौलाना शम्‍स नवेद उस्‍मानी के ध‍ार्मिक तुलनात्‍मक अध्‍ययन पर आधारति पुस्‍तक के लेखक हैं, धार्मिक तुलनात्‍मक अध्‍ययन के जाने माने लेखक और स्वर्गीय सन्‍त के प्रिय शिष्‍य एस. अब्‍दुल्लाह तारिक, स्वर्गीय मौलाना ही के एक शिष्‍य जावेद अन्‍जुम (प्रवक्‍ता अर्थ शास्त्र) के हाथों पुस्तक के अनुवाद द्वारा यह संभव हो सका है कि अनुवाद में मूल पुस्‍तक के असल भाव का प्रतिबिम्‍ब उतर आए इस्लाम की ज्‍योति में मूल सनातन धर्म के भीतर झांकने का सार्थक प्रयास हिन्‍दी प्रेमियों के लिए प्रस्‍तुत है, More More More



Sunday, November 14, 2010

The role of women in Islam जिसे 'सत्य की खोज' है, जो अपनी ज़िंदगी का मक़सद और उसे पाने का तरीक़ा जानना चाहता है उसके लिए यह लेक्चर बहुत क़ीमती है

1. औरत को मारने का हुक्म है कुरआन में।
2. औरत का हिस्सा मर्द के मुक़ाबले कम है इस्लाम में ।
3. दो औरतों की गवाही एक मर्द के बराबर है इस्लाम में।
4. ‘दुनिया की चीज़ों में मुझे औरत पसंद है‘ ऐसा आया है हदीस में।
5. औरत तुम्हारे लिए खेती है, ऐसा आया है कुरआन में।
6. औरत को घरों में बंद करके एक घुटन भरी ज़िंदगी देता है इस्लाम।
7. इस्लाम की हुकूमत क़ायम करना ही एकमात्र मक़सद होता है मुसलमान का।

इस तरह के ऐतराज़ नए नहीं हैं और न ही इनके जवाब ही नए हैं। आज अपनी वेबसाइट ‘इस्लामहिंदी डॉट कॉम‘ के उद्घाटन के लिए जब हम मौलाना वहीदुददीन ख़ान साहब के सेंटर ‘सीपीएस ग्लोबल, 1 निज़ामुद्दीन वेस्ट, नई दिल्ली 100013‘ पहुंचे तो उनका लेक्चर चल रहा था और उसका विषय था ‘द रोल आफ़ वूमेन इन इस्लाम‘।
उनके इस एक लेक्चर में ही इन सारे सवालों के जवाब मौजूद हैं। जिसे 'सत्य की खोज' है, जो अपनी ज़िंदगी का मक़सद और उसे पाने का तरीक़ा जानना चाहता है उसके लिए यह लेक्चर बहुत क़ीमती है।

इस लेक्चर के बाद सवाल जवाब का सेशन हुआ और फिर मौलाना के मुबारक हाथों से का उद्घाटन हुआ।
इस प्रोग्राम की कुछ झलक आप यहां देख सकते हैं।

इस्लाम के बारे में यदि आप कुछ और जानना चाहें तो आप ईमेल कर सकते हैं Email: info@cps.org.in
फ़ोन पर भी आप जानकारी ले सकते हैं- +91-11-24357333

यह लेक्चर आज की तारीख़ (14-11-2010) का है इसके अलावा आप उनके पुरानी तारीख़ के लेक्चर भी देख  सकते हैं  यहाँ. http://www.cpsglobal.org/content/video-streams

17 comments:

Dr. Jameel Ahmad said...

इस तरह के ऐतराज़ नए नहीं हैं और न ही इनके जवाब ही नए हैं

Dr. Jameel Ahmad said...

इस तरह के ऐतराज़ नए नहीं हैं और न ही इनके जवाब ही नए हैं

Dr. Jameel Ahmad said...

Nice post.

Dr. Ayaz Ahmad said...

‘द रोल आफ़ वूमेन इन इस्लाम‘।
उनके इस एक लेक्चर में ही इन सारे सवालों के जवाब मौजूद हैं। जिसे 'सत्य की खोज' है, जो अपनी ज़िंदगी का मक़सद और उसे पाने का तरीक़ा जानना चाहता है उसके लिए यह लेक्चर बहुत क़ीमती है।

Dr. Ayaz Ahmad said...

मौलाना के मुबारक हाथों से आज अपनी वेबसाइट ‘इस्लामहिंदी डॉट कॉम‘ का उद्घाटन हुआ।

Dr. Ayaz Ahmad said...

Mubarak ho.

URDU SHAAYRI said...

Welcome for a new site .

URDU SHAAYRI said...

I hope Islamhindi.com will be a great step for Dawah

zeashan zaidi said...

Congratulations!

nilesh mathur said...

कृपया ‘द रोल आफ़ वूमेन इन इस्लाम‘ का लिंक दें!

इस्लाम हिंदी said...

@ Nilesh ji !

इस विषय पर आप फिलहाल पढ़ें "इस्लाम में औरतों के अधिकार" कुछ समय पश्चात उसकी विडियो रेकॉर्डिंग उपलब्ध करा दी जाएगी.


http://islamhindi.com

Tarkeshwar Giri said...

Nek kam ke liye mubarakbad, afsos hua ye jankar ki aap bina mile chale gaye.

DR. ANWER JAMAL said...

जनाब तारकेश्वर गिरी जी ! अफसोस तो हमें हुआ कि आपको इस प्रोग्राम में शिरकत की दावत दी गई लेकिन आपने कह दिया कि आपको गुड़गाँव जाना है ।
आपकी शिकायत के अंदाज से ऐसा लगता है कि आप कहीं भी नहीं गए बल्कि आपने घर पर ही रहे ।

URDU SHAAYRI said...

ahsaskiparten.blogspot.com पर उद्घाटन की झलकियां देखीं कुछ खास फोटो की कमी महसूस हुई
शायद किसी खास वजह से ही रोक लिया होगा आपने ।

Tarkeshwar Giri said...

Anwar Saheb main Gurgaon main hi tha, lekin jis samay maine apko comment diya us samay tak ghar wapas aa chuka tha

Tausif Hindustani said...

nice post
dabirnews.blogspot.com

पलाश said...

जमाल भाईजान , सलाम कुबूल फरमायें, सबसे पहले आपको हमारी तरफ से मुबारकबाद
आज हमने एक ब्लाग पर आपके नाम का पत्र लिखा पाया
शायद अभी आप कार्यक्रम में मशरुफ होने के कारण या किसी और कारण से नही देख पाये
, हम आपको लिंक भेज रहे है
http://pachhuapawan.blogspot.com/2010/11/blog-post_12.html
और हम चाहते है आप जवाब भी लिखे
खुदा हाफिज