सनातन धर्म के अध्‍ययन हेतु वेद-- कुरआन पर अ‍ाधारित famous-book-ab-bhi-na-jage-to

जिस पुस्‍तक ने उर्दू जगत में तहलका मचा दिया और लाखों भारतीय मुसलमानों को अपने हिन्‍दू भाईयों एवं सनातन धर्म के प्रति अपने द़ष्टिकोण को बदलने पर मजबूर कर दिया था उसका यह हिन्‍दी रूपान्‍तर है, महान सन्‍त एवं आचार्य मौलाना शम्‍स नवेद उस्‍मानी के ध‍ार्मिक तुलनात्‍मक अध्‍ययन पर आधारति पुस्‍तक के लेखक हैं, धार्मिक तुलनात्‍मक अध्‍ययन के जाने माने लेखक और स्वर्गीय सन्‍त के प्रिय शिष्‍य एस. अब्‍दुल्लाह तारिक, स्वर्गीय मौलाना ही के एक शिष्‍य जावेद अन्‍जुम (प्रवक्‍ता अर्थ शास्त्र) के हाथों पुस्तक के अनुवाद द्वारा यह संभव हो सका है कि अनुवाद में मूल पुस्‍तक के असल भाव का प्रतिबिम्‍ब उतर आए इस्लाम की ज्‍योति में मूल सनातन धर्म के भीतर झांकने का सार्थक प्रयास हिन्‍दी प्रेमियों के लिए प्रस्‍तुत है, More More More



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Sunday, April 11, 2010

कोई भी ऋषि-मुनि, पैगम्‍बर-वली, देवी-देवता या गरू लोगो की प्रार्थनाएं सुनने और उन्‍हें पूरी करने की शक्ति नहीं रखता बल्कि ये सब तो खुद ईश्‍वर से--- One


तत्‍व दर्शन
ईश्‍वर हर चीज़ का सृष्‍टा है। ईश्‍वर ने सृष्टि की रचना अपनी संकल्‍प शक्ति से की है,

सृष्टि में उसके उत्कृष्‍ट गुणों का प्रतिबिम्‍ब है, उसका अंश नहीं और न ही स‍ृष्टि उसका वंश और परिवार ऐसे हैं जैसे कि जीवधारियों का होता है। सारी सृष्टि ईश्‍वर पर ही आश्रित है, वही सबकी पुकार सुनने वाला और उनकी ज़रूरत पूरी करने वाला है। कोई भी ऋषि-मुनि, पैगम्‍बर-वली, देवी-देवता या गरू लोगो की प्रार्थनाएं सुनने और उन्‍हें पूरी करने की शक्ति नहीं रखता बल्कि ये सब तो खुद ईश्‍वर से ही अपने मंगल की प्रार्थना करते हैं।

प्रार्थना उससे करो जो उन्‍हें पूरी करने की शक्ति रखता है। उपासना उसकी करो जो वास्‍तव में मार्ग दिखाकर कल्‍याण कर सकता है। वह केवल एक ईश्‍वर है। अरबी भाषा में उसी का निज नाम ल्‍ला है। अन्‍तर केवल भाषा का है न भाव का है और न ही तथ्‍य का।

तत्‍व को जानो ताकि सत्य का बोध और दिव्य आनन्‍द की प्राप्ति हो।

आओ अब मिल के एक कम करें

खुल्क़ ओ महर ओ वफ़ा आम करें

ख़त्म हो जाएँ आपसी झगड़े

मिल के कुछ ऐसा एहतमाम करें

हो के क़ुरबान हक़ की राहों में

आओ यह ज़िंदगी तमाम करें